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छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के बारे में संक्षिप्त विवरण

छत्तीसगढ़ में कुंभकारो एवं माटी शिल्पियो के आर्थिक एवं तकनीकी विकास के लिए राज्य शासन ग्रामोद्योग विभाग के अधिसूचना क्रंमाक एफ -26/2001(6)/52 दिनांक 14/3/2012 द्वारा छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है, एवं बोर्ड 13 अगस्त 2012 को अस्तित्व मे आ गया है। बोर्ड का मूल उद्देश्य पारंपरिक माटी शिल्पकारों के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमिता कौशल विकसित करना है। छ.ग. में कुम्भकारो एवं माटीशिल्पियों के आर्थिक तकनीकी एवं सर्वांगीण विकास के लिए तथा पारंपरिक माटी शिल्पकला के संरक्षण योजनाबद्ध कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमिता कौशल विकसित करने केलिए छ.ग माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा विभिन्न योजनाएं जैसे :- प्रशिक्षण, औजार उपकरण सहायता, कार्यशाला अनुदान सहायता, अध्ययन प्रवास, विकास कार्यक्रम, विपणन सहायता आदिमाटीशिल्पियों के विकास की योजना का संचालन किया जा रहा हैं। कौशल उन्नयन के क्षेत्र में ;ब्ण्ळण्ब्ण्त्ण्प्ण्द्ध सेन्ट्रल ग्लास सिरेमिक रिसर्च इन्सट्रीट्यूट खुरजा, भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर से मिट्टी कुल क्लेक्रियेशन पंचासर रोड, वाकानेर, गुजरात सहयोग लियाजाकर शीघ्र-अतिशीघ्र कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जावेगी। जिससे माटीशिल्पियों की आर्थिक स्थिति को और भी बेहतर बनाया जा सके।

छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं -
  1. कुम्भकार टेराकोटा योजना - छ.ग. माटीकलाबोर्ड द्वारा प्रदेश के माटीशिल्पियों को 31 दिसम्बर 2020 तक 6481 नग विद्युत चॉक का निःशुल्क वितरण किया जाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा गया है। वर्ष 2021-22 में 600 नग विद्युत चॉक निःशुल्क वितरण किया जाने का लक्ष्य है।
  2. ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना - वर्ष 2014 -2015 में ग्राम गढ़फुलझर वि. खं. बसना जिला महासमुंद मेंएक ग्लेजिंग युनिट का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया है। जिसके माध्यम से 200 माटीशिल्पी परिवार लाभान्वित हो रहे है जिसमें कप, प्लेट, थाली, कटोरी, गिलास, किचन वेयर, टेबल वेयर,कुल्हड़, पानी बॉटल आदि का निर्माण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्राम तेलईकछार, जिला- सूरजपुर एवं ग्राम- नारी, जिला-धमतरी में ग्लेजिंग यूनिट शुभारंभ कर दी गई है। आगामी वर्ष में 4 जिलों में ग्लेजिंग यूनिट स्थापना किए जाने का लक्ष्य है। जिसमें क्रमशः दुर्ग, बस्तर एवं बिलासपुर आदि जिला सम्मिलित है।
  3. आवासीय प्रशिक्षण योजना - छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड द्वारा ग्लेजिंग यूनिट गढ़फुलझर विकासखण्ड बसना जिला महासमुंद में माह दिसम्बर 2016 से आवासीय प्रशिक्षण प्रारम्भ किया गया है। जिसमें 20 प्रशिक्षणार्थियां को प्रतिमाह प्रशिक्षित किया जा कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। वित्तीय वर्ष 20-21 में 31 दिसम्बर 2020 तक 300 माटिशिल्पियों को प्रशिक्षण दिया जाकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
  4. माटीशिल्पियों / कुंभकारां का पंजीयन - प्रदेश में माटीशिल्पियों का सर्वे कर उनके पंजीयन केपश्चात् इन्हें छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न विकासात्मक योजनओं का लाभ दिलाये जाने हेतु वर्ष2020-21 31 दिसम्बर 2020 तक 31917 माटीशिल्पियों का पंजीयन किया जा चुका है। आगामी वर्ष में 5000 शिल्पियों के पंजीयन का लक्ष्य है।
  5. माटीशिल्पयों का प्रशिक्षण योजना - प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत 2012-13 से 2019-20 तक 1280 माटीशिल्पी परिवारों को प्रशिक्ष्ण प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
  6. माटीशिल्पयों का डिजाईन विकास योजना - प्रदेश में कार्यरत माटीशिल्पियों को भारत सरकारविकास आयुक्त के सहयोग से उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देकर 240 माटीशिल्पी परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाया गया।